
शिक्षा के उजियारे और पर्यावरण संरक्षण के संकल्प के साथ शासकीय प्राथमिक शाला नेतनागर विकासखंड पुसौर में नए शैक्षणिक सत्र का आगाज़ बेहद भव्य तरीके से हुआ। शिक्षा एवं पर्यावरण के क्षेत्र में लगातार धरातल पर सक्रिय रहकर उत्कृष्ट कार्य कर रहे वरिष्ठ समाजसेवी श्री रामचंद्र शर्मा के मुख्य आतिथ्य में ‘शाला प्रवेशोत्सव’ का गरिमामयी आयोजन संपन्न हुआ। इस दौरान स्कूल प्रांगण को एक उत्सव की तरह सजाया गया था। शिक्षक, पूर्व शिक्षक और पालकों की रही भारी उपस्थिति
इस विहंगम दृश्य और आयोजन के साक्षी बनने के लिए नेतनागर के पालक गण भारी संख्या में स्कूल पहुंचे थे। कार्यक्रम में स्कूल के वर्तमान शिक्षकों के साथ-साथ पूर्व प्रधानपाठक श्री सिदार सर, नव निर्माण संकल्प समिति के सचिव दीपक मंडल वर्तमान प्रधानपाठक सुमन प्रधान और संकुल समन्वय (झलमला) अर्जुन पंडा विशेष रूप से उपस्थित रहे।
इसके साथ ही शाला समिति के उपाध्यक्ष परमानंद साव, समिति सदस्य तेजराम गुप्ता, कन्हैया साव, गौतम प्रधान, सत्ताराणा, नमिता बंसोड़ सहित बड़ी संख्या में ग्रामवासी और जागरूक अभिभावकों की मौजूदगी ने इस उत्सव को ऐतिहासिक बना दिया।
*तिलक लगाकर हुआ नवप्रवेशी बच्चों का आत्मीय स्वागत*
इससे पहले, स्कूल की चौखट पर पहली बार कदम रखने वाले नन्हे-मुन्ने बच्चों का स्वागत बेहद आत्मीय ढंग से किया गया। अतिथियों और शिक्षकों ने नवप्रवेशी बच्चों को तिलक-चंदन लगाकर और अक्षत रोली के साथ शाला में प्रवेश कराया। इसके साथ ही शासन की मंशानुरूप बच्चों को निःशुल्क गणवेश (यूनिफॉर्म) एवं चमचमाती पाठ्यपुस्तकों का वितरण किया गया।
*दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश*
क्षेत्र में शिक्षा और पर्यावरण के सुधार के लिए समर्पित श्री रामचंद्र शर्मा ने इस अवसर पर स्कूल प्रांगण में वृक्षारोपण कर बच्चों और ग्रामीणों को प्रकृति सहेजने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि जिस तरह हम इन नौनिहालों को शिक्षा देकर देश का भविष्य गढ़ रहे हैं, ठीक उसी तरह हमें पौधों को रोपकर धरती के भविष्य को भी सुरक्षित करना होगा। उनके इस प्रयास की उपस्थित सभी लोगों ने भूरि-भूरि प्रशंसा की।
*’न्योता भोज’ की सौगात*
कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि श्री रामचंद्र शर्मा का बच्चों के प्रति विशेष स्नेह देखने को मिला। उन्होंने शाला प्रवेशोत्सव को यादगार बनाते हुए स्कूल के सभी बच्चों के लिए अपनी ओर से ‘न्योता भोज’ एवं उपस्थित जनों के लिए उत्कृष्ट अल्पाहार की व्यवस्था की। इसके साथ ही बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास को बढ़ावा देने के लिए उन्होंने स्कूल को खेल सामग्री भेंट करने की एक बड़ी घोषणा भी की, जिससे पूरे परिसर में उत्साह की लहर दौड़ गई।








