इंदौर : उज्जैन के वाहन में नंबर को फर्जी तरीके से निजी वाहन पर लगाकर ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करना सोनकच्छ स्थित सादीखेड़ा के युवक दिनेश कुशवाह को भारी पड़ गया। उज्जैन के ग्राम कनार्दी में रहने वाले सोनू परमार के पास इंदौर के ट्रैफिक पुलिस की ओर से कार द्वारा ट्रैफिक नियम उल्लंघन करने चालान जब पहुंचे तो उन्हें आश्चर्य हुआ।
कार उज्जैन में उनके घर पर रहती थी और उसके चालान इंदौर से आ रहे थे। इस पर परमार ने 12 अगस्त को सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत की।
शिकायत पहुंचने पर जांच शुरू
- ट्रैफिक पुलिस को परमार ने बताया कि एमपी41/सीवी1937 उनका निजी वाहन का नंबर है और वह पुरानी है। उनके पास जो चालान आ रहा है, वो वाहन नए और उसने यही नंबर टैक्सी परमिट नंबर प्लेट में लगा रखा है। ट्रैफिक पुलिस के पास शिकायत पहुंचने पर जांच शुरू की।
- उज्जैन के परमार ने वाहन के नंबर प्लेट वाला वाहन नई कार में लगाकर देवास का दिनेश कुशवाह टैक्सी पर चला रहा था। इंदौर में 20 अगस्त को प्लेटफार्म नंबर पांच व छह के बाहर ट्रैफिक पुलिस के एएसआई दिलीप सोलंकी ने चालान लंबित होने पर पकड़ा था, ज्यादा जांच पड़ताल नहीं की और उसका चालान बनाकर छोड़ दिया था।
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कनाड़िया क्षेत्र में पकड़ी गई कार
- फर्जी नंबर प्लेट से चल रही कार की जानकारी इंदौर के सभी थानों तक ट्रैफिक पुलिस द्वारा भेजी गई। देवगुराड़िया पुलिस की टीम ने फर्जी नंबर प्लेट की कार को पकड़ा। पूछताछ में आरोपित दिनेश कुशवाह ने बताया कि यह वाहन उसके जीजा जितेंद्र कुशवाह के नाम पर है।
- ओला, उबर में वाहन अटैच करने के लिए कुशवाह ने अपने वाहन के आेरिजन नंबर प्लेट एमपी09/डीए9437 को हटाकर उज्जैन के परमार के वाहन का नंबर लगा रखा था। वहीं, ट्रैफिक एडिशनल डीसीपी विक्रम रघुवंशी ने बताया कि फर्जी नंबर प्लेट लगाकर टैक्सी चलाने वाले आरोपित पर नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।









