कलेक्टर द्वारा बनाई गई जांच समिति के सामने नही पहुंचे शिकायतकर्ता

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बास्केट बॉल टीम में सलेक्शन को लेकर नाबालिग खिलाड़ियों के कपड़े उतारने के लगे थे आरोप
रायगढ़।  नाबालिगों के कोच के सामने कपड़े उतारने के मामले में जिला कलेक्टर भीम सिंह द्वारा बनाई गई तीन सदस्यीय जांच टीम के सामने एक कोच के अलावा कोई भी उपस्थित नही हुआ और आज तीसरे दिन भी यह तीन सदस्यीय टीम स्टेडियम में बैठकर पीड़ित नाबालिग खिलाड़ियों व उनके परिजन के साथ-साथ महिला कोच का इंतजार करते रहे।
पिछले दिनों बास्केट बॉल में नेशनल स्तर पर टीम सलेक्शन के लिए कथित तौर पर राष्ट्रीय खिलाड़ी व बास्केट बॉल कोच अंशु जोशी पर तीन नाबालिग खिलाड़ियों द्वारा कोच गोपी पांडे के सामने जेल परिसर स्थित सरकारी र्क्वाटर में कथित तौर पर कपड़े उतारकर चयन की प्रक्रिया के मामले में भले ही पुलिस ने इस पर कार्रवाई नही की हो लेकिन जिला कलेक्टर भीम सिंह ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम बनाई है। जिसमें वरिष्ठ खेल प्रशिक्षक बी.के. डनसेना, खेल प्रशिक्षक धरधर यादव और महिला खेल प्रशिक्षक विनीता प्राढ़ी को नियुक्त किया था। यह तीन सदस्यीय टीम बीते तीन दिनों से रायगढ़ स्टेडियम में पीड़ित तीन नाबालिगों के साथ उनके परिजनों के अलावा अंजु जोशी व कोच गोपी पांडेय को बुलाया था।
इस जांच समिति के सामने तीन दिनों में केवल कोच गोपी पांडे ही उपस्थित हुए और उन्होंने अपना पक्ष रखा। इस संबंध में जांच टीम के प्रभारी बी.के. डनसेना ने बताया कि कलेक्टर के दिशा निर्देश पर बकायदा इस प्रकरण की बनाई गई जांच टीम ने सभी को नोटिस देकर अपना-अपना पक्ष रखने के साथ-साथ उनके बयान हेतु बुलाया था लेकिन तीसरे दिन भी सिवाए एक कोच के कोई भी जांच समिति के सामने पेश नही हुआ। उनका कहना है कि भले ही इस मामले में पुलिस को नाबालिग खिलाड़ियों द्वारा लिखित तौर पर जो कुछ दिया हो वह इस जांच प्रक्रिया से अलग है और वे आज अंतिम दिन दोपहर 1 बजे तक अन्य लोगों का इंतजार करते रहे, लेकिन कोई नही आया और अब पूरी जांच रिपोर्ट कलेक्टर को सौंप दी जाएगी।

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Author: samachardoot

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