-आरोपितों को संदेह था कि मृतक के घर की महिलाओं के साथ संबंध हैं, पहले दोनों ने हत्या की, फिर तीनों भाइयों ने शव को ठिकाने लगाने के लिए प्लास्टिक का बोर लेकर आए थे
Gwalior Murder News:ग्वालियर. नईदुनिया प्रतिनिधि। उटीला में अमर सिंह जाटव के कुए में मिले युवक के अंधे कत्ल की गुत्थी पुलिस सुलझा लिया है। पुलिस ने शैलेंद्र उर्फ करुआ गुर्जर की हत्या के आरोप में दो युवकों को व लाश को ठिकाने लगाने में मदद करने के आरोप में एक युवक को गिरफ्तार किया है। युवक की हत्या से जुड़े दो अन्य आरोपितों की उटीला थाना पुलिस कर रही है। आरोपितों ने पुलिस की गिरफ्त में आने के बाद कबूल किया कि पत्थर से कुचलकर शैलेंद्र की हत्या की, उसके बाद लाश को प्लास्टिक के बोरे में बंद कर कुए में फेक दिया। आरोपितों का संदेह था कि शैलेंद्र के घर की महिलाओं से अ्रवैध संबंध होने का संदेह था।
एसपी अमित सांघी ने बताया कि तीन दिन पूर्व उटीला में एक खेत में बने कुए में प्लास्टिक के बोरे मेंं बंद एक युवक का शव मिला था। मृतक युवक की पहचान उसकी जेब में मिले आधार कार्ड से हुई। मृतक शैलेंद्र उर्फ करुआ पुत्र गब्बर सिंह गुर्जर निवासी बानमोर जिला मुरैना के रूप में हुई। मृतक की पहचान के बाद घरवालों ने पुलिस को बताया कि शैलेंद्र सात दिन पूर्व नौकरी करने के लिए गुजरात जाने के लिए घर से निकला था। उटीला में उनकी कोई नाते-रिश्तेदारी भी नहीं है। घरवालों ने किसी से रंजिश होने से भी इंकार किया। पुलिस ने सबसे पहले पता लगाने का प्रयास किया कि शैलेंद्र बानमोर से किस के साथ निकला था। पुलिस को पता चला कि बानमोर में मृतक के घर के पास रहने वाले मनोज व संदीप जाटव के साथ बाइक से बानमोर से निकलते देखा गया था। इसकी तस्दीक होेने पर दोनों को संदेह के आधार पर थाने लाकर पूछताछ की। दोनों संदेही शैलेंद्र की हत्या करने से साफ मुकर गए। दोनों से अलग-अलग बात करने पर हत्या का राज उगल दिया।
ऐसे की हत्या- दोनों आरोपितों ने पुलिस को बताया कि शैलेंद्र उनके घर के पास रहने वाला था। उससे पारिवारिक संबंध थे। गुजरात जाने पर उसे शराब के लिए न्यौता दिया। शैलेंद्र पार्टी के लिए राजी हो गया। एक ही बाइक पर बैठकर बड़ागांव हाइवे पर आए। देर रात तक ढाबे पर बैठकर शराब पी। नशा अधिक होने पर दोनों आरोपितों ने शैलेंद्र को बताया कि उटीला में उनकी रिश्तेदारी है। रिश्तेदार के यहां चलकर आराम करते हैं। बाइक पर बैठाकर खेत तक ले आए। जहां पत्थरों से कुचलकर हत्या कर दी और लाश को खेत में पड़ा छोड़कर भाग आए।
प्लास्टिक बोरी में लाश को बंद कर कुए में फेंका- लाश को खेत में पड़ा छोड़कर दोनों आरोपित अपने घर आ गए। संदीप ने भाई राजवीर, राजेश और विकास को शैलेंद्र की हत्या करने की बात बताई। भाइयों को बताया कि लाश खेत में पड़ी है। संदीप और उसके तीनों भाई रात में प्लास्टिक की बोरी लेकर घटनास्थल पर आए। तीनों ने मिलकर लाश को बोरे में बंद किया और कुए में फेक दिया। पत्थर भी कुए में डाल दिया। एएसपी (देहात) जयराज कुबेर ने बताया कि लाश को ठिकाने लगाने में मदद करने वाले राजेश को पकड़ लिया। राजवीर व विकास भी पकड़ में नहीं आए हैं। पुलिस उनकी तलाश कर रही है।
हत्या की वजह- आरोपितों ने पुलिस को बताया कि उनके घर पर शैलेंद्र का काफी जाना था। उन्हें संदेह था कि शैलेंद्र के संबंध घर की महिलाओं से इसलिए उसे ठिकाने लगाने के लिए ठान ली थी। हत्या की गुत्थी सुलझाने मेंं उटीला थाना प्रभारी सुरजीत सिंह परमार, एएसआइ कप्तान सिंह, आरक्षक राघवेंद्र सिंह, पोदार यादव, अंकित,कृष्णपाल, शैलेंद्र संजीव, महेंद्र व रोहित की प्रमुख भूमिका रही।









