दो दो हजार रूपए में हुआ 40 अपात्र किसानों का पंजीयन, किसान सम्मान निधी में बढ़ा फर्जीवाड़ा, अब मामला पुलिस के हवाले

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रायगढ़. छत्तसीगढ़ के रायगढ़ जिले के ग्राम तरकेला के 40 किसानों का पंजीयन महासमुंद जिले में प्रधानमंत्री किसान सम्मान नीधि योजना के तहत कर दिया गया है और जिन किसानों का पंजीयन महासमुंद जिले में किया गया है वे रायगढ़ जिले में अपात्र पाए गए थे। लेकिन एक गिरोह ने गांव में घुमकर गरीब, अनपढ़ व नाबालिग अपात्र लोगों के आधार कार्ड व पासबुक के फोटो कापी लेकर दो दो हजार रूपए की वसूली करते हुए इस पंजीयन का लाभ दिला दिया है। अब मामला सामने आने के बाद उप संचालक कृषि को कलेक्टर ने कार्रवाई के निर्देश दिए हैं अब इसकी जांच पुलिस के हवाले की जा रही है। चूंकि मामला किसान निधी सम्मान योजना से जुड़ा है और इसमें फर्जीवाड़ा करने वाले लोग विभागीय भी हो सकते हैं।

समाचार दूत डॉट कॉम के संपादक नरेश शर्मा को इस बात की जानकारी देते हुए कृषि विभाग के उप संचालक ललित मोहन भगत ने बताया कि हाल ही में तरकेला की कुमारी राजेश्वरी सिदार ने जिला कलेक्टर भीम सिंह को एक आवेदन देकर इस फर्जीवाड़े की जानकारी दी थी और अपने आवेदन में कुमारी राजेश्वरी सिदार ने बताया था कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधी योजना के तहत पंजीयन कराने के नाम पर दो दो हजार रूपए की राशि लेकर कुछ लोग उनके गांव में उन किसानों का पंजीयन कर रहे हैं जो किसान नही हैं और उनके राशन कार्ड व आधार कार्ड के आधार पर महासमुंद जिले में बकायदा पंजीयन भी करवा दिया गया जिसका लाभ कुछ किसानों को मिल भी गया है।

उप संचालक कृषि ललित मोहन भगत ने समाचार दूत डॉट कॉम के संपादक नरेश शर्मा को बताया कि इस शिकायत के बाद जिला कलेक्टर ने कृषि विभाग की तरफ से जब जांच करवाई तो कृषक सूची में प्रारंभिक स्टेटस रिपोर्ट के अनुसार जिन किसानों का पंजीयन हुआ है। उनका सभी का पंजीयन महासमुंद जिले में दर्शित हो रहा है और लगभग 40 किसान के नाम इसमें शामिल है। जबकि ये सभी 40 किसानों को रायगढ़ जिले में अयोग्य व अपात्र पाया था। लेकिन गिरोह के लोगों ने इन्हें पात्र बताकर फर्जी तरीके से इनका पंजीयन कर दिया है। उन्होंने बताया कि अब इस मामले को लेकर संचालक कृषि को अवगत कराते हुए मामला महासमुंद व रायगढ़ पुलिस को भेजा गया है।

बढ़ सकती है फर्जी किसानों की संख्या
उप संचालक कृषि ललित मोहन भगत ने यह भी बताया कि अभी 40 फर्जी किसानों की लिस्ट सामने आई है और ऐसा लगता है कि और भी किसानों का पंजीयन इसी तरह से किया गया है जो जांच के बाद कई नाम सामने आएंगे और इसीलिए पुलिस विभाग को पत्र लिखकर इस फर्जीवाड़े में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए भेजा गया है।

बहरहाल देखना यह है कि किसान सम्मान निधी में रायगढ़ जिले के किसानों का पंजीयन महासमुंद में कैसे हो गया और जिन किसानों को रायगढ़ जिले में पंजीयन के दौरान अपात्र व फर्जी पाया गया था उनका पंजीयन कम्यूटर में दर्ज कराने के पीछे कौन लोग हैं।

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Author: samachardoot

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