पृथ्वी पर मंडरा रहा है खतरा, 24 अप्रैल को धरती के करीब से गुजरेगा संभावित खतरे वाला 2022 एचडी एस्टेरॉयड

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

पृथ्वी के लिए भविष्य में संभावित खतरा माना जा रहा एक विशाल एस्टेरॉयड कल रात पृथ्वी के बेहद करीब से गुजरेगा। 2022 एचडी नाम का यह एस्टेरॉयड रविवार रात 24 अप्रैल करीब एक बजे पृथ्वी से 14 लाख किलोमीटर की दूरी से होगा, और बेहद चमकीला नजर आएगा। यह 12 किलोमीटर प्रति सेकेंड की तेज गति से अंतरिक्ष में घूम रहा है।

https://samachardoot.in/2022/04/22/now-there-will-be-a-ban-on-sale-of-tobacco-and-gutkha-within-100-yards-of-schools-action-will-be-taken-read-full-news/

इस एस्टेरॉयड को पहली बार 2013 में देखा गया था। अध्ययन के बाद इसे नियर अर्थ ऑबजेक्ट (एनईए) की श्रेणी में रखा गया है। इस कारण अंतरिक्ष वैज्ञानिक इसके परिक्रमा पथ पर लगातार नजर रखे हुए हैं। अगले कुछ दशकों तक यह पृथ्वी के आसपास ही रहेगा। इसके बाद साल 2035 में यह दोबारा पृथ्वी के सबसे करीब पहुंचेगा।

https://samachardoot.in/2022/04/22/used-to-do-obscene-things-to-tribal-girl-student-asked-for-money-to-pass-principal-suspended/

 

नैनीताल स्थित एरीज के पब्लिक आउटरीच कार्यक्रम प्रभारी डॉ. विरेंद्र यादव के अनुसार विशेषज्ञों के अनुसार भविष्य में यह एस्टेरॉयड पृथ्वी के लिए संभावित खतरा माना गया है। गणना के अनुसार इसका परिक्रमा पथ पृथ्वी के परिक्रमा पथ के बेहद पास है। इसलिए आने वाले सालों में भी इसके पथ की हमेशा निगरानी की जाएगी।

https://samachardoot.in/2022/04/22/the-young-man-fell-in-love-with-his-aunt-after-the-ruckus-the-decision-of-the-panchayat-soon-both-will-be-married/

 

नासा ने इस एस्टेरॉयड को खतरनाक की श्रेणी में रखा है। दरअसल नासा सहित दुनिया भर के खगोल वैज्ञानिकों की टीम ने करीब दो हजार एस्टेरॉयड को निगरानी पर रखा है। इसमें से करीब 22 के पृथ्वी से टकराने की आशंका है। किसी भी तेज रफ्तार धूमकेतु या एस्टेरॉयड के धरती से 46.5 लाख मील से ज्यादा करीब आने की संभावना होती है तो वैज्ञानिक इसे खतरनाक मानते हैं।

https://samachardoot.in/2022/04/22/gangrape-with-girl-in-hospital-inspector-si-suspended-for-ignoring-complaint/

एस्टेरॉयड वह चट्टानें होती हैं, जो किसी ग्रह की तरह ही सूरज के चक्कर काटती हैं। गैस और धूल के ऐसे बादल जो किसी ग्रह का आकार नहीं ले पाए और पीछे छूट गए, वही इन चट्टानों यानी एस्टेरॉयड में तब्दील हो गए।

samachardoot
Author: samachardoot

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

और पढ़ें