रायगढ़, 4 जून 2026। प्रदेश के वन मंत्री श्री केदार कश्यप के मंशा एवं प्रयास से भारतीय वन्यजीव संस्थान (वाइल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया), भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान बरेली तथा छत्तीसगढ़ शासन के वन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में एशियाई हाथियों की मृत्यु के कारणों की वैज्ञानिक जांच एवं विश्लेषण विषयक दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन 5 एवं 6 जून 2026 को रायगढ़ में किया जाएगा। कार्यशाला का विषय “लर्निंग फ्रॉम डेड : एसेन्शियल्स ऑफ मॉर्टेलिटी इन्वेस्टिगेशन ऑफ एशियन एलिफेंट्स” रखा गया है।
कार्यशाला का आयोजन रायगढ़ स्थित होटल ट्रिनिटी ग्रैंड, कोतरारोड बायपास में किया जाएगा। इस महत्वपूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रम में वन विभाग के अधिकारी, वन्यजीव विशेषज्ञ, फील्ड स्टाफ तथा हाथी संरक्षण से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ भाग लेंगे।
कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य एशियाई हाथियों की मृत्यु के कारणों की वैज्ञानिक जांच, साक्ष्य संकलन, पोस्टमार्टम प्रक्रिया, रोगों एवं दुर्घटनाओं से संबंधित तथ्यों के विश्लेषण तथा वन्यजीव संरक्षण के लिए आवश्यक तकनीकी दक्षताओं का विकास करना है। कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों द्वारा हाथियों की मृत्यु से संबंधित विभिन्न प्रकरणों का अध्ययन प्रस्तुत किया जाएगा तथा आधुनिक जांच पद्धतियों की जानकारी दी जाएगी।
रायगढ़ वनमंडालधिकारी एवं धरमजयगढ़ वन मंडलाधिकारी ने बताया कि राज्य में मानव-हाथी सहअस्तित्व एवं वन्यजीव संरक्षण को सुदृढ़ बनाने की दिशा में यह कार्यशाला महत्वपूर्ण साबित होगी। इससे वन अमले की तकनीकी क्षमता में वृद्धि होगी तथा हाथियों की मृत्यु से जुड़े मामलों की वैज्ञानिक एवं प्रभावी जांच सुनिश्चित की जा सकेगी।
कार्यशाला में प्रतिभागियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण के साथ-साथ विशेषज्ञों के अनुभवों से सीखने का अवसर भी मिलेगा, जिससे हाथी संरक्षण एवं वन्यजीव प्रबंधन के क्षेत्र में बेहतर परिणाम प्राप्त किए जा सकेंगे।








