इंदौर। हींग कारोबारी दौलतराम अग्रवाल की बेटी ज्योति की हत्या में एक और खुलासा हुआ है। उसके भाई ने ज्योति के प्रेमी मयंक को फंसाने का षड़यंत्र कर लिया था। बाकायदा थाना में लिखित शिकायत भी कर दी थी। पुलिस ने मयंक के बयान लिए तो उसने एक वाइस रिकॉर्डिंग पेश कर दी और जांच की दिशा बदल गई।
हीरा नगर टीआइ सुशील पटेल के अनुसार बजरंग नगर निवासी 26 वर्षीय ज्योति का साथ में काम करने वाले मयंक साहू से प्रेम प्रसंग चल रहा था और दोनों शादी करना चाहते थे। ज्योति का मिलना और मयंक से बात करना उसके भाई प्रकाश और मां शीतल को पसंद नहीं था।
2 अप्रैल को उसके साथ मारपीट की और गंभीर अवस्था में अस्पताल ले गए। दूसरे दिन ज्योति की मौत हो गई। प्रकाश ने पुलिस को बताया ज्योति को मयंक ब्लैकमेल कर रहा था। उससे पांच लाख रुपये ले चुका था। बदनामी के डर से ज्योति ने जहर खा लिया।
उसने मां शीतल और भाई प्रकाश द्वारा की गई मारपीट का जिक्र किया
पुलिस ने मयंक को बुलाया तो बताया रुपये तो काम के सिलसिले में लिए थे और बदले में 31 ग्राम सोना भी खरीद कर दिया था। उसने पुलिस को एक रिकॉर्डिंग सौंपी जिसमें ज्योति दोस्त कुशल से बात कर रही थी। उसने मां शीतल और भाई प्रकाश द्वारा की गई मारपीट का जिक्र किया और कहा कि वह थाना में रिपोर्ट करना चाहती है। हालांकि दोनों ने एक्शन नहीं लिया।
टीआई के अनुसार आरोपितों ने सबूत मिटाने और पुलिस को गुमराह करने का खुब प्रयास किया। घटना के बाद सीसीटीवी फुटेज डिलिट कर डाले। पुलिस पहुंची तो डीवीआर की धुल तक साफ थी। इससे ही पुलिस को शक हो गया था। ज्योति के मुंह पर जहरीले पदार्थ की शीशी डाल दी थी। पुलिस ने मंगलवार को शीतल को कोर्ट पेश कर जेल भेज दिया। जबकि प्रकाश का रिमांड मांगा गया है।







