बालोद। जिले के पुरुर थाना क्षेत्र में कानून की धज्जियां उड़ाने वाली एक घटना सामने आई है, जहां पुलिस टीम पर ही हमला कर दिया गया। घटना एनडीपीएस एक्ट के एक आरोपित को गिरफ्तार करने के दौरान हुई। पुलिस को सूचना मिली थी कि मुख्य आरोपित अमित कोर्राम ग्राम कनेरी मनेरीपारा स्थित अपने घर पर छिपा है। टीम जब वहां पहुंची, तो स्थिति पूरी तरह बिगड़ गई।
पुलिस टीम ने जैसे ही आरोपित को दबोचने की कोशिश की, आरोपित की दो पत्नियों, बहन और माता सहित 15 से अधिक लोगों ने टीम को घेर लिया। गाली-गलौज के साथ पुलिसकर्मियों के साथ हाथापाई की गई। धक्का-मुक्की में सहायक उपनिरीक्षक विश्वजीत मेश्राम गिर पड़े, जिससे उन्हें चोटें आईं। इस हंगामे का फायदा उठाकर आरोपित अमित मौके से फरार हो गया।
मोटरसाइकल से कराया गया फरार
पुलिस के अनुसार, उसे मोटरसाइकिल के जरिए भगाया गया है। पूरी घटना की पुलिस ने वीडियोग्राफी कराई है, जो अब जांच में अहम सबूत साबित होगी। इस घटना के बाद पुलिस ने सभी हमलावरों के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा डालने और आरोपित को फरार कराने का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। फरार आरोपित की तलाश में अलग-अलग टीमें दबिश दे रही हैं।
घर में मौजूदगी की खबर पाकर पहुंची थी पुलिस
पुलिस के अनुसार थाना पुरुर में दर्ज अपराध के तहत नामजद आरोपित अमित की गिरफ्तारी के लिए पांच जुलाई को सूचना मिली थी कि वह ग्राम कनेरी मनेरीपारा स्थित अपने घर पर मौजूद है। सूचना के आधार पर सहायक उपनिरीक्षक विश्वजीत मेश्राम के नेतृत्व में पीएसआई चित्ररेखा खाण्डेय, आरक्षक संदीप यादव और धर्मेन्द्र टाण्डेकर की टीम पहुंची। पुलिस ने घर में मौजूद आरोपित अमित को पकड़ने का प्रयास किया, तभी उसके परिवार के सदस्य और अन्य ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए और हंगामा करने लगे।








