शहीद नंदकुमार पटेल विश्वविद्यालय में विश्वविद्यालय अध्ययन शाला की शुरूवात रोजगारपरक विषयों में होगी स्नातक स्तर की पढ़ाई, छात्रों को मिलेगा उच्च शिक्षा का बेहतर अवसर

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रायगढ़ ।

शहीद नंदकुमार पटेल विश्वविद्यालय रायगढ़ में वर्तमान शैक्षणिक सत्र् 2026-27 से विश्वविद्यालय शिक्षण विभाग (यू.टी.डी.) प्रारंभ होने की अनुमति शासन से प्राप्त हुई है। जिसके अंतर्गत पाॅच शिक्षण विभाग प्रारंभ किया जाना है। जिनमें राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुसार चार वर्षीय पाठ्यक्रम बी.एस सी. आनर्स गणित, भौतिक व कम्प्यूटर साईंस के साथ व बी.बी.ए. आनर्स तथा बी.काॅम. आनर्स शामिल है। विश्वविद्यालय के द्वारा शीघ्र ही इसके लिए आॅनलाईन प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ की जावेगीं। शहीद नंदकुमार पटेल विश्वविद्यालय रायगढ़ की स्थापना के पाॅच वर्ष अंतराल में यह विश्वविद्यालय की सबसे बड़ी उपलब्धि है। विश्वविद्यालय शिक्षण विभाग से ही विश्वविद्यालय की पहचान निरूपित होती है। शैक्षणिक सत्र् 2020 में विश्वविद्यालय की स्थापना हुई थी लेकिन अब तक यहाॅ यू.टी.डी. शुरू नहीं हो पाया था, इस वजह से विश्वविद्यालय की भूमिका मुख्य रूप से परीक्षा कराने और परीक्षा परिणाम जारी करने में अपना योगदान दे रहा है। इस वर्ष से विश्वविद्यालय अपने परिसर में सीधे अध्यापन और शोध (रिसर्च) की शुरूवात करने जा रहा है। कुलपति प्रो. विनय चैहान ने बताया कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य परीक्षा कराने के साथ छात्रों को उच्च स्तरीय शिक्षा, शोध एवं बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना भी है। विश्वविद्यालय द्वारा प्री-पी.एच.डी. परीक्षा के तैयारियां चल रही है, जिससेे रिसर्च को बढ़ावा मिलेगा। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. विनय चैहान ने बताया कि, विश्वविद्यालय का अपना शिक्षण विभाग प्रारंभ होना इस विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं के लिए एक सुखद सौगात है। विश्वविद्यालय शिक्षण विभाग में विद्यार्थियों को गुणवत्तायुक्त शैक्षणिक वातावरण प्राप्त होगा जिसके तहत वे आधुनिक तकनीक के माध्यम से राष्ट्रीय शिक्षा नीति के पाठ्यक्रमों का अध्ययन कर सकेेगे। रायगढ़ के छात्रों की पुरानी माॅग और छत्तीसगढ़ शासन की मंशा के अनुरूप अब विश्वविद्यालय शैक्षिक उत्कर्ष की ओर अग्रसर हो रहा है। यू.टी.डी. की शुरूवात से रायगढ़ अंचल के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के साथ-साथ शोध और नवाचार का मंच मिलेगा। यहाॅ से अध्ययन प्राप्त कर निकले छात्र न केवल रोजगार प्राप्त करेगे बल्कि समाज व राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान देगे। कुलसचिव डाॅ. तरूणधर दीवान ने बताया कि विश्वविद्यालय प्रशासन के द्वारा इस संबंध में आवश्यक तैयारियां प्रारंभ कर दी गई है जिनमें डिजिटल क्लाॅस रूम, आधुनिक ई-लाईबे्ररी आदि शामिल है। यह क्षेत्रीय दृष्टिकोण से उच्च शिक्षा के क्षेत्र में विश्वविद्यालय की एक बड़ी उपलब्धि है। विश्वविद्यालय इस उपलब्धि के लिए माननीय उच्च शिक्षा मंत्री एवं छत्तीसगढ़ शासन का अभार व्यक्त किया।

 

कृपया बाक्स में लगावेंः-

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इन नये पाठ्यक्रमों का उद्देश्य छात्र-छात्राओं को सिर्फ डिग्री देना नहीं, बल्कि उन्हें गुणवत्तापूर्ण और कौशल आधारित शिक्षा देकर आत्मनिर्भर बनाना है। विश्वविद्यालय भविष्य में भी समाज और समय की माॅग के अनुसार नए व नवाचार आधारित पाठ्यक्रम शुरू करता रहेगा ताकि शिक्षा, अनुसंधान और सामाजिक सहभागिता के क्षेत्र में संस्थान की पहचान और मजबूत हो सके।

 

– प्रो. विनय चैहान कुलपति

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Author: samachardoot

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