छत्तीसगढ़ में एक और जंगल सफारी बनाने की तैयारी, 75 करोड़ रुपये होंगे खर्च, 191 हेक्टेयर क्षेत्र में बनेगा

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छत्तीसगढ़ के नवा रायपुर स्थित जंगल सफारी की तर्ज पर कवर्धा जिले के रामचुआ-हरमो में एक और जंगल सफारी का निर्माण किया जाएगा। यह जंगल सफारी प्राकृतिक वन संपदा को बिना नुकसान पहुंचाए मैकाल पर्वत श्रृंखला के 191 हेक्टेयर क्षेत्र में बनेगा।

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इस जंगल सफारी में शेर, चीता, सफेद शेर, भालू, हिरण, सांभर, नीलगाय सहित अन्य पशु-पक्षी के लिए अलग-अलग सफारी का निर्माण किया जाएगा। जंगल सफारी के निर्माण पर 75 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे और इसे तीन साल में तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। प्रस्तावित जंगल सफारी को भोरमदेव मंदिर सहित अन्य पर्यटन स्थलों तथा ऐतिहासिक धरोहरों के साथ जोड़कर एक सर्किट बनाया जाएगा।

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कवर्धा जिले के रामचुआ-हरमो क्षेत्र के 191 हेक्टेयर में जंगल सफारी पहाड़ के ठीक नीचे रहेगा। यह प्राकृतिक सौंदर्य और भव्यता के साथ-साथ पर्यटकों को आकर्षित करेगा। सफारी के अंदर कैचमेंट क्षेत्र में चेकडेम का निर्माण किया जाएगा। इसके साथ-साथ प्राकृतिक रूप से बह रहे नाले को भी व्यवस्थित किया जाएगा।

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जंगल सफारी के मुख्य दरवाजे के सामने प्रशासनिक जोन भी तैयार किया जाएगा, जहां टिकट काउंटर के साथ-साथ फूड जोन, प्रसाधन, पार्किंग आदि की व्यवस्था होगी। जंगल सफारी क्षेत्र में पहाड़ से कुछ दूर तक पर्यटकों के आने-जाने के लिए सड़क निर्माण किया जाएगा, जिससे पर्यटक आसानी से पूरे जंगल को घूमकर सफारी का लुफ्त उठा सकें।

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वन मंत्री मोहम्मद अकबर ने बताया कि जंगल सफारी निर्माण के लिए केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय की गाइडलाइन का पालन किया जाएगा। जंगल सफारी में कौन-कौन से पशु-पक्षी और वन्य-प्राणी रख सकते हैं। उनके लिए अनुकूल वातावरण क्या होगा, इस पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।

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पर्यटन रूट इस तरह तैयार किया जाएगा, जिससे पर्यटक एक ओर से अंदर जाए और जंगल सफारी का नजारा देखते हुए दूसरे रास्ते से वापस मुख्य द्वार प्रशासनिक एरिया के रास्ते निकल जाए। जंगल के बीच पहाड़ पर व्यू प्वाइंट भी तैयार किया जाएगा, जिससे पर्यटक प्राकृतिक सौंदर्य का नजारा ले सके।

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Author: samachardoot

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