भोपाल डबल मर्डर: 1 किमी का सफर 45 मिनट में किया तय; बारिश और अंधेरे की आड़ में 9 मिनट में वारदात कर भागे शूटर

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भोपाल। ऐशबाग के सुदामा नगर में रिटायर्ड दंपती हेमंत फिलेमोन उर्फ हेमंत बारिक (70) और उनकी पत्नी शकुंतला फिलेमोन (70) की हत्या की गुत्थी सुलझाने में पुलिस को एड़ी चोटी का जोर लगाना पड़ रहा है। अब तक की पड़ताल में पहली बार दो हत्यारे सीसीटीवी कैमरे में स्पष्ट तौर पर दिखाई दिए हैं। आरोपी पूरी तैयारी के साथ आए थे।

उन्होंने न केवल सीसीटीवी कैमरों से बचने की रणनीति अपनाई, बल्कि घर तक पहुंचने और वहां से निकलने के लिए भी अलग-अलग रास्तों का उपयोग किया। पूरी वारदात महज नौ मिनट में अंजाम देकर दोनों फरार हो गए।

सीसीटीवी से बचते हुए घर में हुए दाखिल

पुलिस जांच के अनुसार दोनों आरोपी 22 जून की रात करीब 8:15 बजे सुभाष नगर पुल के पास कैमरों में नजर आए थे। वहां से दंपती के घर की वास्तविक दूरी करीब एक किलोमीटर थी, लेकिन सीसीटीवी कैमरों से बचने के लिए उन्होंने मुख्य सड़क छोड़कर गलियों का रास्ता चुना और लगभग ढाई किलोमीटर पैदल चलकर रात करीब 9 बजे घर पहुंचे।
वारदात के करीब नौ मिनट बाद दोनों अलग-अलग रास्तों से बाहर निकले, जिससे उनकी गतिविधियां एक साथ कैमरों में कैद न हो सकें। जिस समय आरोपी इलाके में पहुंचे, उस दौरान हो रही बारिश और कई स्थानों पर बंद स्ट्रीट लाइट ने भी उनकी मदद की। कम रोशनी और सुनसान गलियों का फायदा उठाकर वे बिना किसी संदेह के घटनास्थल तक पहुंच गए।

हर कदम पर दिखाई प्रोफेशनल तैयारी

पुलिस का कहना है कि हत्या का तरीका किसी सामान्य अपराधी का नहीं, बल्कि प्रशिक्षित और पेशेवर अपराधियों का प्रतीत होता है।
आरोपी अपने साथ मोबाइल फोन लेकर नहीं पहुंचे, ताकि उनकी लोकेशन ट्रेस न हो सके। उन्होंने आसपास कहीं भी बाइक या अन्य वाहन पार्क नहीं किया और पूरे रास्ते पैदल चले। इतना ही नहीं, दोनों ग्लव्स पहनकर घर में दाखिल हुए, जिससे फिंगरप्रिंट न मिल सकें।
घर में घुसते ही उन्होंने सीधे दंपती को निशाना बनाया। हेमंत फिलेमोन के सिर में गोली मारी गई, जबकि शकुंतला फिलेमोन को कनपटी और सीने पर दो गोलियां दागीं। वारदात के बाद दोनों उसी तेजी से निकल गए, जिस योजना के साथ आए थे।

जांच के केंद्र में तीन अहम बिंदु

– पुलिस फिलहाल तीन प्रमुख पहलुओं पर सबसे अधिक फोकस कर रही है। इनमें पहला और सबसे महत्वपूर्ण बिंदु यह है कि दंपती की मौत के बाद उनकी संपत्ति का लाभ किसे मिलने वाला था। इसी आधार पर संभावित लाभार्थियों और उनसे जुड़े लोगों की पड़ताल की जा रही है।
– दूसरा पहलू किरायेदारों से जुड़े विवादों का है। पुलिस के अनुसार हेमंत फिलेमोन का स्वभाव गुस्सैल था और किरायेदारों से उनका कई बार विवाद हुआ था। कुछ समय पहले एक युवती को साथ रखने को लेकर भी उनका झगड़ा हुआ था। पुराने विवादों से जुड़े लोगों से लगातार पूछताछ की जा रही है।
– तीसरा बिंदु पड़ोसियों से हुए विवाद हैं। पुलिस जांच में सामने आया है कि रिजवान नामक एक बदमाश से भी हेमंत का विवाद हुआ था। जांच के दौरान यह भी पता चला कि जिस समय हत्यारे घर की ओर बढ़ रहे थे, उसी दौरान रिजवान मुख्य मार्ग पर किसी का इंतजार करता दिखाई दिया था। पुलिस इस कड़ी की भी विस्तार से जांच कर रही है।

कजलीखेड़ा से बिलकिसगंज तक मिला आरोपियों का रूट

जांच में एसआईटी को आरोपियों की गतिविधियों से जुड़ा एक और अहम सुराग मिला है। कजलीखेड़ा में दंपती के मोबाइल फोन फेंकने के बाद सीहोर जिले के बिलकिसगंज की ओर गए थे। इस इनपुट के आधार पर एसआईटी से जुड़े एक इंस्पेक्टर ने बिलकिसगंज क्षेत्र पहुंचकर वहां लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली है। पुलिस आरोपियों की आगे की मूवमेंट और संभावित ठिकानों का पता लगाने का प्रयास कर रही है।

हत्यारे प्रोफेशनल: सुपारी किलिंग के केंद्र में जांच

– घर तक पहुंचने के लिए मुख्य सड़क छोड़कर गलियों का लंबा रास्ता चुना।
– सीसीटीवी कैमरों की निगाह से बचते हुए अलग-अलग रास्तों से घटनास्थल पहुंचे।
– वारदात के दौरान अपने साथ मोबाइल फोन नहीं ले गए, ताकि लोकेशन ट्रेस न हो सके।
– आसपास किसी भी स्थान पर बाइक या अन्य वाहन पार्क नहीं किया।
– ग्लव्स पहनकर घर में दाखिल हुए, जिससे फिंगरप्रिंट न मिल सकें।
– सीधे दंपती को निशाना बनाया, अनावश्यक समय बर्बाद नहीं किया।
– हेमंत फिलेमोन के सिर पर गोली मारकर सटीक निशाना साधा, जो प्रशिक्षित शूटर की ओर इशारा करता है।
– दंपती के बैग में 17 हजार 400 रुपये नकदी रखी थी, लेकिन रुपये छोड़कर गए।
– पूरी वारदात महज नौ मिनट में अंजाम देकर बाहर निकल गए।
– बाहर निकलते समय भी दोनों ने अलग-अलग रास्ते अपनाए, ताकि पुलिस को उनकी मूवमेंट जोड़ने में कठिनाई हो।
– बारिश और बंद स्ट्रीट लाइट का फायदा उठाकर पहचान छिपाने की कोशिश की।
– घटनास्थल पर बेहद कम सुराग छोड़े, जिससे जांच एजेंसियों को सीमित फॉरेंसिक साक्ष्य मिले।
– वारदात के तरीके और तैयारी को देखते हुए पुलिस सुपारी किलिंग के एंगल से भी जांच कर रही है। 22 जून की रात हुई थी हत्या, दो दिन बाद मिला शवबता दें 24 जून की रात ऐशबाग के सुदामा नगर स्थित मकान में हेमंत फिलेमोन और उनकी पत्नी शकुंतला फिलेमोन के शव मिले थे।
जांच में खुलासा हुआ कि उनकी हत्या 22 जून को गोली मारकर की गई थी। घटनास्थल से पुलिस को चार खोखे मिले थे। पोस्टमार्टम में हेमंत के सिर में एक और शकुंतला के शरीर में दो गोलियां मिलने की पुष्टि हुई थी। दंपती की कोई संतान नहीं है। पुलिस का मानना है कि हत्या पूरी योजना और रेकी के बाद अंजाम दी गई है और जल्द ही इस दोहरे हत्याकांड का खुलासा किया जा सकता है।
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Author: samachardoot

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