तेरहवीं में हजारों लोगों ने स्व. शर्तिला सिंह ठाकुर को दी श्रद्धांजलि

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रायगढ़। कांग्रेस नेता विभाष सिंह ठाकुर की माता श्रीमती शर्तिला सिंह ठाकुर का 13 नवंबर को आकस्मिक निधन हो गया था। जिसकी तेरहवीं रामबाग में संपन्न हुआ।

यूं तो आम तौर से सादे समारोह से सराबोर रहने वाला तेरहवीं कार्यक्रम इस बार चर्चा का विषय रहा। जिसका साक्षी रामबाग बना। स्व. शर्तिला सिंह ठाकुर के चार पुत्र विनोद सिंह ठाकुर, विनय सिंह ठाकर, विभाष सिंह ठाकुर और विकास सिंह ठाकुर ने दशकर्म कार्यक्रम प्रयागराज में संपन्न कराया। वहीं तेरहवीं शहर के रामबाग में रखा गया था। जिसमें रायगढ़ विधायक प्रकाश नायक, लैलूंगा विधायक चक्रधर सिदार, पूर्व विधायक हृदयराम राठिया, गोपाल दास गुप्ता, सुभाष पाण्डेय, गुरूपाल भल्ला, गौतम अग्रवाल, रमेश छपारिया, सुनील लेन्ध्रा, सुशील मित्तल, दीपक डोरा, संदीप अग्रवाल, पाल्ली वाधवा, अनूप बंसल, नैना गभेल, नीरज पटेल, मनोज गभेल, प्रभात साहू, ओमसागर पटेल, ठंडाराम बेहरा, मंजूल दीक्षित, ज्ञानू गौतम, शीनू राव, डिग्रीलाल साहू, श्याम लाल साहू, विकास ठेठवार, नीरज शर्मा, राजीव अग्रवाल, नवल राठिया, दिलीप पाण्डेय, बलबीर शर्मा, जेठूराम मनहर, अनिल अग्रवाल, सलीम नियारिया, अरूण कातोरे, उमाशंकर पटेल, नरेश पटेल, लल्लू सिंह नेतनागर, सुदर्शन पटेल, हेमसागर नायक, नरेश जायसवाल, सतीश चंद बेहरा, वीरेन्द्र शाह, अमित सिन्हा, दुर्गेश सिदार, जयकिशन साव, रिंकल अग्रवाल, महेश डनसेना, सितेश पाणिग्राही, राहुल प्रधान, कुबेर प्रधान, सुजीत महतो, हरमित घई, अशोक अग्रवाल, सुरेन्द्र चौधरी, सिल्लू, भवानी यादव, प्रखर यादव, अशरफ खान, सुरेन्द्र पंडा, खीरसागर गुप्ता, चरण भारती, गणेश सिदार, सुरेन्द्र जेना, बानू खुंटे, पिंटू सिंह,शंकर अग्रवाल शक्ति के अलावा जिले के प्रशासनिक अधिकारी, पुलिस विभाग के बड़े अधिकारी वहीं प्रेस क्लब के अध्यक्ष हेमंत थवाईत, रामचंद्र शर्मा, संजय बोहिदार, हरेराम तिवारी, आनंद शर्मा, गणेश अग्रवाल, नंदकुमार पटेल, अनिल आहूजा, युवराज सिंह आजाद, नीरज तिवारी, संतोष पुरूषवानी, विपिन राय, अरूण सिंह, पंकज तिवारी, विपीन सवन्नी, रामायण दास महंत, उपेन्द्र डनसेना, साकेत पाण्डेय के अलावा अन्य पत्रकारगण उपस्थित थे।

…और जब किन्नरों ने दी श्रद्वांजलि
रायगढ़ में राजनीति में अमिट छाप छोड़ने वाली मधु किन्नर जब से महापौर बनी तब से विभाष सिंह ज्यादा सुर्खियों में आ गए थे। महापौर चुनाव के बाद पार्टी ने कार्यवाही भी किया। जब उनकी माताजी की तेरहवीं का कार्यक्रम था तब किन्नरों ने वहां कुंती के साथ पहुंचकर श्रद्वांजलि अर्पित किया साथ ही मोक्ष प्राप्ति के लिए प्रार्थना भी की। आमतौर पर यह धारणा है कि किन्नरों का आर्शीवाद मिलना बहुत ही सौभाग्य माना जाता है।

 

 

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Author: samachardoot

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