बिलासपुर। सिविल लाइन क्षेत्र के कस्तुरबा नगर स्थित तीन डिसमील जमीन के दस्तावेज में छेड़छाड़ कर उसे छह डिसमिल का बना दिया गया। इसके बाद व्यवसायी ने जमीन दो लोगों के पास बेच दी। इधर प्रापर्टी डीलर जमीन की तलाश कर रहा था। उसने जमीन खरीदने के लिए दस्तावेज की जांच कराई। तब उसे इस गड़बड़ी की जानकारी हुई। प्रापर्टी डीलर ने इसकी शिकायत सिविल लाइन थाने में की है। इस पर पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है।
सिविल लाइन क्षेत्र के सिंधी कालोनी में रहने वाले शंकरलाल दयलानी प्रापर्टी डीलर हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि वे निवेश के लिए जमीन की तलाश कर रहे थे। इसी दौरान पता चला कि कस्तुरबा नगर में तीन डिसमील जमीन पर बना हुआ मकान बिक्री हो रहा है। इस पर वे निवेश के लिए जमीन के दस्तावेज लिए। दस्तावेज की जांच के दौरान पता चला कि 2009 में लुईस हीराधर और श्वेता हीराधर ने अपनी तीन डिसमील जमीन को किशोर दयालानी के पास बेचा था। जमीन को खरीदने के बाद किशोर ने नामांतरण करा लिया। इसके बाद उसने 2011 में जमीन के दस्तावेज में छेड़छाड़ की।
दस्तावेज में छेड़छाड़ कर जमीन को छह डिसमील कर दिया गया। इसके बाद उसने तीन डिसमील जमीन अनील मोटवानी और तीन डिसमील को रेशमा मोटवानी के पास बेच दिया। तीन डिसमील जमीन खरीदने के बाद उसने दो लोगों के पास बेच दिया। जब प्रापर्टी डीलर को इस गड़बड़ी की जानकारी हुई उन्होंने सिविल लाइन थाने में शिकायत की। शिकायत की जांच के बाद पुलिस ने भादवी की धारा 420, 467, 468, 471, 120बी, 34 के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
राजस्व अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध
प्रापर्टी डीलर ने बताया कि 2009 में किशोर ने तीन डिसमील जमीन खरीदी थी। इसके दो साल बाद ही उसने छह डिसमील जमीन बेच दी। इस पूरी गड़बड़ी में राजस्व अधिकारियों की भूमिका भी संदिग्ध है। प्रापर्टी डीलर ने पूरे मामले की जांच करने की मांग की है। साथ ही राजस्व अधिकारियों की भूमिका की जांच करने मांग की है।








