रायपुर में 187 करोड़ की चीनी सप्लाई का झांसा, कारोबारी से ठगे 1.87 करोड़, पुणे की कंपनी समेत 4 के खिलाफ FIR

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रायपुर। राजधानी के एक थोक शक्कर कारोबारी से 1.87 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। खमतराई थाना पुलिस ने रायपुर निवासी कारोबारी राजेश अग्रवाल की शिकायत पर नाथबाबा एग्रो ट्रेड हब प्राइवेट लिमिटेड, पुणे के प्रतिनिधि राजीव मोरे तथा कंपनी के संचालकों रफीक बाबा शेख, मिनोज बाबा शेख और गजाला शेख के खिलाफ धोखाधड़ी का अपराध दर्ज किया है।

आरोप है कि आरोपितों ने शुरुआत में समय पर माल की आपूर्ति कर कारोबारी का विश्वास जीता और बाद में 500 टन चीनी की सप्लाई का झांसा देकर 1.87 करोड़ रुपये आरटीजीएस के माध्यम से ले लिए, लेकिन माल कभी नहीं भेजा।

शुरुआती सप्लाई से जीता भरोसा

खमतराई थाना में दर्ज एफआईआर के अनुसार, श्रीनगर रोड स्थित सिंघल प्रोविजन स्टोर्स के संचालक राजेश अग्रवाल कई वर्षों से थोक शक्कर का कारोबार कर रहे हैं। फरवरी 2025 में उनकी पहचान नाथबाबा एग्रो ट्रेड हब प्राइवेट लिमिटेड के प्रतिनिधि बताने वाले राजीव मोरे से हुई। शुरुआत में 35 टन और बाद में 70 टन चीनी का ऑर्डर देने पर कंपनी ने समय पर माल की आपूर्ति कर दी। इससे कारोबारी का कंपनी पर विश्वास बढ़ गया।

500 टन चीनी का सौदा, करोड़ों का भुगतान

  • 17 फरवरी 2025 को दोनों पक्षों के बीच करीब 500 टन चीनी की सप्लाई का सौदा हुआ। कंपनी ने दावा किया कि उसके पास पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और अग्रिम भुगतान मिलते ही माल रवाना कर दिया जाएगा।
  • इसके बाद 17 से 21 फरवरी 2025 के बीच कारोबारी ने अलग-अलग आरटीजीएस ट्रांजेक्शन के जरिए कुल 1,87,48,667 रुपये कंपनी के खाते में जमा कर दिए।
  • भुगतान के बाद कंपनी की ओर से जीएसटी टैक्स इनवॉयस और ई-वे बिल भी भेजे गए तथा बताया गया कि चीनी से भरे ट्रक रवाना हो चुके हैं। हालांकि तय समय बीतने के बाद भी माल रायपुर नहीं पहुंचा।

जांच में सामने आईं अनियमितताएं

  • मामले की पड़ताल के दौरान कारोबारी ने स्वयं ट्रकों और परिवहन संबंधी जानकारी जुटाई। जांच में पता चला कि जिन वाहनों के नंबर भेजे गए थे, उनमें उनके नाम का माल लोड ही नहीं किया गया था। बाद में उन्हीं वाहनों के नाम पर क्रेडिट नोट जारी कर कागजी समायोजन दिखा दिया गया।

 

  • शिकायत के अनुसार बार-बार मांगने के बावजूद कंपनी ने लारी रसीद (एलआर), ट्रांसपोर्टर का नाम, डिलीवरी प्रमाण और अन्य परिवहन दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए। बाद में कंपनी के संचालक रफीक बाबा शेख ने वाट्सएप पर यह कहकर जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया कि राजीव मोरे केवल ब्रोकर था और उसी से संपर्क किया जाए। इसके बाद राजीव मोरे का मोबाइल भी बंद हो गया।

पुलिस ने दर्ज किया धोखाधड़ी का मामला

शिकायत के आधार पर खमतराई थाना पुलिस ने कंपनी के प्रतिनिधि और संचालकों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब लेनदेन, दस्तावेजों और संबंधित खातों की जांच कर पूरे मामले की पड़ताल कर रही है।

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Author: samachardoot

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