भारत सरकार के डीपीआईआईटी, भारतीय उद्यमिता विकास संस्थान (EDII), अहमदाबाद एवं जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र, सारंगढ़-बिलाईगढ़ के संयुक्त तत्वावधान में ‘तेजस स्टार्टअप कार्यशाला’ का आयोजन ग्राम टिमरलगा स्थित निजी होटल में किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ कलेक्टर श्रीमती पद्मिनी भोई साहू एवं जिला पंचायत अध्यक्ष श्री संजय भूषण पाण्डेय सहित अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। कार्यशाला में स्टार्टअप छत्तीसगढ़ की ओर से प्रीति खण्डेलवाल, ईडीआईआई के अरविंद द्विवेदी, अग्रणी बैंक अधिकारी सी.एस. ठाकुर सहित विभिन्न उद्योग संगठनों, एफपीओ एवं स्व-सहायता समूहों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्री संजय भूषण पाण्डेय ने कहा कि भारत में उद्यमिता की परंपरा सदियों पुरानी है। पहले लोग मिट्टी, लकड़ी, हस्तशिल्प एवं स्थानीय संसाधनों से उत्पाद बनाकर स्वरोजगार करते थे। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने इसी परंपरा को आधुनिक स्वरूप देते हुए स्टार्टअप इंडिया के माध्यम से युवाओं और नवाचार को नई पहचान दी है।
उन्होंने कहा कि देश का विकास केवल बड़े उद्योगों से नहीं, बल्कि छोटे-छोटे उद्यमों, ग्रामीण उद्योगों, महिला स्व-सहायता समूहों और स्थानीय नवाचारों से होता है। जब गांव की माताएं-बहनें और युवा अपने उत्पादों को बाजार से जोड़ेंगे, तब आत्मनिर्भर भारत का सपना साकार होगा। उन्होंने सभी प्रतिभागियों से अधिक से अधिक संख्या में स्टार्टअप एवं सरकारी योजनाओं का लाभ लेकर रोजगार सृजन करने का आह्वान किया।
कार्यशाला में विशेषज्ञों ने स्टार्टअप पंजीयन, फंडिंग, सरकारी सहायता योजनाओं एवं नवाचार आधारित व्यवसायों की विस्तृत जानकारी दी तथा प्रतिभागियों को अपने नवाचारों को सफल उद्यम के रूप में विकसित करने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में कलेक्टर श्रीमती पद्मिनी भोई साहू ने विशेष रूप से बिहान के स्व-सहायता समूहों को गुणवत्तापूर्ण पैकेजिंग, ब्रांडिंग एवं ऑनलाइन माध्यमों से उत्पादों की बिक्री बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया।
“आत्मनिर्भर भारत का मार्ग गांव-गांव में विकसित हो रहे नवाचार, उद्यमिता और महिला सशक्तिकरण से होकर गुजरता है।” — संजय भूषण पाण्डेय









