रायपुर। माध्यमिक शिक्षा मंडल की 12वीं हिंदी परीक्षा का पेपर लीक करने वाले गिरोह का राजफाश करते हुए पुलिस ने मास्टरमाइंड समेत तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि परीक्षा से पहले हस्तलिखित प्रश्नपत्र वाट्सएप से छात्रों तक पहुंचाया जा रहा था। इसके बदले तीन-तीन हजार रुपये वसूले जा रहे थे।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने डिजिटल फुटप्रिंट, डिलीटेड मोबाइल चैट, इंटरनेट मीडिया गतिविधियों और बैंक ट्रांजेक्शन की गहन जांच की। 50 से अधिक छात्रों और संदिग्धों से पूछताछ के बाद पुलिस आरोपितों तक पहुंच सकी।
खुलासा हुआ कि बेमेतरा जिले के एक स्कूल में पदस्थ पीटीआइ ने प्रश्नपत्र उपलब्ध कराया था। पुलिस का मानना है कि स्कूल का रिजल्ट बेहतर दिखाने और आर्थिक लाभ के लिए पूरा नेटवर्क सक्रिय था। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि प्रश्नपत्र सबसे पहले किस स्तर से बाहर आया और इस नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल हैं।
वाट्सएप पर भेजा गया था हस्तलिखित पेपर
जांच में सामने आया कि आरोपित वेणु कुमार जंघेल ने परीक्षा से पहले छात्रों को हस्तलिखित हिंदी प्रश्नपत्र वाट्सएप के माध्यम से भेजा था। इसके बदले उसने ऑनलाइन रकम ली। पुलिस को बैंक खातों की जांच में ट्रांजेक्शन के प्रमाण भी मिले हैं। बताया जा रहा है कि आरोपित कई छात्रों तक पेपर पहुंचा चुका था। पुलिस ने मोबाइल डेटा रिकवर कर महत्वपूर्ण इलेक्ट्रानिक साक्ष्य जुटाए हैं, जिनसे पूरे नेटवर्क की परतें खुल रही हैं।
पीटीआई की भूमिका ने बढ़ाई शिक्षा विभाग की चिंता
पूछताछ में सामने आया कि बेमेतरा जिले के हायर सेकंडरी स्कूल बोरतरा में पदस्थ पीटीआइ जवाहर लाल कुर्रे ने वेणु जंघेल और विकास सेन को हस्तलिखित प्रश्नपत्र उपलब्ध कराया था। पुलिस पूछताछ में उसने यह स्वीकार भी किया है। हालांकि उसे प्रश्नपत्र कहां से मिला, इसका खुलासा अभी नहीं हो पाया है। मामले में स्कूल और परीक्षा व्यवस्था से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में आ गई है।
पहले मास्टरमाइंड, अब पूरे नेटवर्क पर कार्रवाई
पुलिस ने 11 मई को इस मामले के मास्टरमाइंड वेणु उर्फ वेणु जंघेल को गिरफ्तार किया था। वह बेमेतरा का रहने वाला है और कुछ समय से रायपुर के गुढ़ियारी इलाके में रह रहा था। पूछताछ में उससे अन्य आरोपितों की जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस ने विकास सेन और जवाहर लाल कुर्रे को भी गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब फरार संदिग्धों और पेपर लीक की पूरी चेन की तलाश में जुटी है।
ये तीन आरोपित अब तक गिरफ्तार
मामले में अब तक वेणु कुमार जंघेल, विकास सेन और पीटीआइ जवाहर लाल कुर्रे को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनके खिलाफ कार्रवाई की गई है। पुलिस का कहना है कि जांच अभी जारी है और जल्द ही इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की गिरफ्तारी भी हो सकती है।









