महतारी वंदन योजना: 27 हजार अपात्र महिलाओं ने उठाया लाभ, 9 करोड़ की वसूली; KYC से खुला राज

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

रायपुर। महतारी वंदन योजना के तहत 27 हजार महतारियों ने अपात्रता के बावजूद योजना का लाभ उठाया है। रायपुर में 2,883 और रायगढ़ में 1,017 अपात्र प्रकरण सामने आए हैं, जबकि नारायणपुर में यह संख्या 404 है। केवायसी प्रक्रिया के बाद यह तथ्य उजागर हुआ है। वर्तमान में 40 हजार महिलाओं ने केवायसी नहीं कराया है।

पहले सरकार ने बिना केवायसी के लाभ दिया, लेकिन अब यह प्रक्रिया बंद कर दी गई है। अपात्र महिलाओं से वसूली की प्रक्रिया जारी है, जिसमें अब तक 9 करोड़ रुपये वसूले जा चुके हैं, जबकि 8करोड़ रुपये की वसूली अभी बाकी है।

इतनी महिलाओं को मिल रहा लाभ

महतारी वंदन योजना के तहत 68 लाख 54 हजार तीन पात्र महिलाओं को आर्थिक लाभ दिया जा रहा है। योजना के क्रियान्वयन में एक बड़ी विसंगति सामने आई है, जिसके कारण सवा लाख से अधिक नवविवाहित महिलाएं इस लाभ से वंचित हैं। राज्य सरकार ने एक बार आवेदन लेने के बाद अन्य विवाहित महिलाओं से आवेदन नहीं मांगे। हाल ही में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सुशासन तिहार के तहत आवेदन मांगे थे, जिसमें दो सवा लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए थे।

अपात्रता के कारणों का विश्लेषण

अपात्रता के कारणों का विश्लेषण करने पर यह स्पष्ट होता है कि ‘दो या दो से अधिक आवेदन होना’ अपात्रता का प्रमुख कारण है, जिसके अंतर्गत 15,036 प्रकरण निरस्त किए गए हैं। यह कुल अपात्रता का लगभग 55.5% हिस्सा है, जो तकनीकी त्रुटियों या दोहराव के कारण प्रभावित हुए हैं। दूसरा प्रमुख कारण ‘शासकीय सेवक अथवा उनके स्वजन’ होना है, जिसमें 6,946 प्रकरण शामिल हैं। यह दर्शाता है कि बड़ी संख्या में ऐसे लोग अपात्रता के दायरे में आए हैं जो सरकारी सेवा की शर्तों के अनुरूप नहीं हैं।

अन्य कारणों में ‘योजना के मापदंडों का पालन न करना’ (2,931 प्रकरण), आयकर दाता होना (819 प्रकरण), अविवाहित होना (765 प्रकरण), 21 वर्ष से कम आयु (370 प्रकरण) और स्थानीय निवासी न होना (18३ प्रकरण) शामिल हैं, जिनके कारण भी कई आवेदन निरस्त किए गए हैं।

samachardoot
Author: samachardoot

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

और पढ़ें