वित्त मंत्री ओपी चौधरी का बड़ा रिफॉर्म… डिमांड पर ही बनेगा हाउसिंग बोर्ड का आशियाना, जनता के भरोसे को जीतने की नीति हुई कामयाब

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रायगढ़ :- वित्त एवं आवास मंत्री ओपी चौधरी ने हाउसिंग बोर्ड में दशकों से चली आ रही कार्यप्रणाली को बदलते हुए एक ऐतिहासिक और बड़ा नीतिगत सुधार किया है। अब छत्तीसगढ़ में हाउसिंग बोर्ड कहीं भी, बिना मांग के कंस्ट्रक्शन नहीं करेगा। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने स्पष्ट किया है कि हाउसिंग बोर्ड में अब पहले डिमांड, फिर निर्माण की नीति लागू की गई है। इसके लिए बाकायदा नियम बना दिया गया है। नए पॉलिसी रिफॉर्म के अनुसार जब तक किसी भी हाउसिंग प्रोजेक्ट में 60% की बुकिंग* नहीं हो जाती, तब तक वहां टेंडर नहीं लगाया जाएगा। अथवा, प्रोजेक्ट लॉन्च के प्रथम तीन महीनों में 30% बुकिंग अनिवार्य होगी, तभी निर्माण प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। पूर्व में बोर्ड पहले मकान बना देता था और फिर ग्राहक ढूंढे जाते थे। कई जगहों पर सैकड़ों मकान सालों तक खाली पड़े रहते थे, खंडहर बन जाते थे। इससे न केवल बोर्ड को करोड़ों का नुकसान होता था, बल्कि आम जनता का भरोसा भी टूटता था। इस निर्णय पर वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि व्यक्ति अपने जीवन में आवास बनाने का निर्णय बमुश्किल एक बार ले पाता है। यह केवल ईंट-पत्थर का घर नहीं, उसकी पूरी जिंदगी की पूंजी, उसके सपनों का आशियाना होता है। उस भरोसे को टूटने नहीं देना है। उन्होंने कहा कि इस नीतिगत बदलाव का सबसे बड़ा असर यह हुआ है कि आज हाउसिंग बोर्ड ऐसे ही स्थानों पर नए प्रोजेक्ट ला रहा है, जहाँ वाकई लोगों की डिमांड है, लोगों की आवश्यकता है। जहाँ स्कूल, अस्पताल, बाजार और कनेक्टिविटी की सुविधा है। आम जनता के मध्य भरोसा लौटने की चर्चा करते हुए मंत्री श्री ओपी ने कहा इस पॉलिसी रिफॉर्म के बाद हाउसिंग बोर्ड के प्रति आम जनता का विश्वास स्थापित हुआ है। अब लोगों को पता है कि बोर्ड जहाँ प्रोजेक्ट ला रहा है, वहाँ पहले से ही 60% लोग बुकिंग करा चुके हैं, यानी वह लोकेशन रहने योग्य है, वहाँ भविष्य है। यह एक तरह का सोशल ऑडिट भी है। रायगढ़ विधायक और वित्त मंत्री के इस निर्णय को शहरी मध्यम वर्ग के लिए सबसे बड़ी राहत माना जा रहा है। यह सुधार बताता है कि सरकार घर बेचने के लिए नहीं, बल्कि जनता का घर बसाने के लिए काम कर रही है।

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Author: samachardoot

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