भोपाल। शहर के प्रसिद्ध हैरिटेज होटल नूर-उस-सबाह पैलेस से जुड़े रिलायबल ग्रुप के साथ एक करोड़ रुपये की साइबर ठगी का मामला सामने आया है।
ग्रुप को एक कंपनी को एक करोड़ रुपये का भुगतान करना था, लेकिन साइबर ठगों ने संबंधित कंपनी की मेल आईडी से मिलती-जुलती फर्जी आईडी बनाकर संपर्क किया और बैंक खाते की जानकारी भेज दी।
साइबर हेल्पलाइन से मिली मदद
ग्रुप ने उस खाते में राशि ट्रांसफर कर दी। करीब दो घंटे बाद संबंधित कंपनी ने रकम नहीं मिलने की जानकारी दी, तो ठगी का खुलासा हुआ। मामले की सूचना साइबर हेल्पलाइन 1930 पर दी गई।
शिकायत मिलते ही स्टेट साइबर पुलिस ने एनसीआरपी पोर्टल के माध्यम से कार्रवाई शुरू की और ठगी की 95 लाख रुपये की राशि विभिन्न बैंक खातों में होल्ड करा दी। हालांकि, अब तक नियमित एफआईआर दर्ज नहीं की गई है।
वाट्सएप से भेजी बैंक खाते की जानकारी
ग्रुप के अकाउंटेंट संजय लाखोटिया ने बताया कि 27 अगस्त को एक करोड़ रुपये का भुगतान करना था, इसी दौरान ठगों ने फर्जी ई-मेल आइडी और वाट्सएप से बैंक खाते की जानकारी भेजी।
पुलिस की प्रारंभिक जांच में पता चला कि ठगों ने रकम मिलते ही उसे तेजी से अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिया। लगभग तीन घंटे में एक करोड़ रुपये देश के विभिन्न राज्यों में करीब 200 बैंक खातों में पहुंचा दिए गए।
इस दौरान ठग करीब पांच लाख रुपये निकालने में सफल रहे। साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत करने के कारण पुलिस ने गोल्डन आवर में कार्रवाई करते हुए 95 लाख रुपये की राशि होल्ड कर दी, जो भोपाल में इस तरह के मामलों में एक बड़ी सफलता मानी जा रही है।









