छत्तीसगढ़ में बढ़ी सियासी हलचल, एक साथ दिखे पूर्व सीएम बघेल और प्रेम प्रकाश पांडेय; वहीं कांग्रेस विधायक के मुख्य अतिथि बने बीजेपी सांसद

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

भिलाई। राजनीति में तस्वीरें केवल किसी कार्यक्रम की यादें नहीं होतीं, कई बार वे नेताओं के आपसी रिश्तों, राजनीतिक समीकरणों और बदलते व्यवहार को लेकर नई बहस भी खड़ी कर देती हैं। भिलाई में सामने आई दो तस्वीरें इन दिनों इसी वजह से चर्चा का विषय बन गई हैं।

पहली तस्वीर सेक्टर-7 की है, जहां दशहरा आयोजन के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष प्रेमप्रकाश पांडेय को एक ही माला से सम्मानित किया गया। दूसरी तस्वीर हाउसिंग बोर्ड क्षेत्र के एक कार्यक्रम की है, जिसमें भिलाई नगर विधायक देवेंद्र यादव के बड़े भाई धर्मेंद्र यादव के साथ भाजपा के दुर्ग लोकसभा सांसद विजय बघेल नजर आए।

इन दोनों तस्वीरों को एक साथ रखकर देखा जाए तो भिलाई की स्थानीय राजनीति के कई दिलचस्प पहलू सामने आते हैं। एक तरफ कांग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता एक ही मंच पर दिखाई दिए, तो दूसरी ओर कांग्रेस विधायक के परिवार द्वारा आयोजित कार्यक्रम में भाजपा सांसद को मुख्य अतिथि बनाया गया।

यही वजह है कि इन आयोजनों को महज सामाजिक या धार्मिक कार्यक्रम मानकर नजरअंदाज नहीं किया जा रहा, बल्कि इनके राजनीतिक संदेश भी तलाशे जा रहे हैं।

हालांकि, इन तस्वीरों के आधार पर किसी नए राजनीतिक गठजोड़ या आपसी समीकरण में बदलाव का निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी। लेकिन भिलाई नगर विधानसभा की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों में इन दोनों आयोजनों ने चर्चा के लिए पर्याप्त आधार जरूर उपलब्ध करा दिया है।

एक ही विधानसभा, लेकिन राजनीतिक संदेश अलग-अलग

इन घटनाओं की राजनीतिक अहमियत समझने के लिए भिलाई नगर विधानसभा के पिछले चुनाव और वर्तमान परिस्थितियों पर नजर डालना जरूरी है। प्रेमप्रकाश पांडेय भाजपा के वरिष्ठ नेता हैं और भिलाई नगर विधानसभा से विधायक रह चुके हैं। पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के देवेंद्र यादव ने उन्हें पराजित किया था।

इसके बाद से दोनों नेताओं के बीच राजनीतिक प्रतिस्पर्धा बनी हुई है। दूसरी ओर, देवेंद्र यादव और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बीच भी राजनीतिक दूरी की चर्चा हो रही है। ऐसे में सेक्टर-7 में भूपेश बघेल और प्रेमप्रकाश पांडे का एक ही माला से सम्मानित होना लोगों के लिए स्वाभाविक रूप से कौतूहल का विषय बन गया।

इस कार्यक्रम की एक और खास बात यह रही कि इसका आयोजन भाजपा पश्चिम मंडल अध्यक्ष गोल्डी सोनी और कांग्रेस नेत्री सुभद्रा सिंह ने संयुक्त रूप से किया था।

अलग-अलग राजनीतिक दलों से जुड़े आयोजकों की इस पहल ने कार्यक्रम को सामाजिक सद्भाव के साथ राजनीतिक दृष्टि से भी चर्चा में ला दिया। दोनों वरिष्ठ नेताओं की एक साथ मौजूदगी को कुछ लोग सामान्य सार्वजनिक शिष्टाचार के रूप में देख रहे हैं, जबकि कुछ इसे स्थानीय राजनीति में संवाद और संबंधों के नए संकेत के तौर पर देख रहे हैं।

हाउसिंग बोर्ड में दूसरी तस्वीर ने बढ़ाई चर्चा

दूसरी तस्वीर हाउसिंग बोर्ड क्षेत्र में आयोजित कार्यक्रम की है। यहां भिलाई नगर विधायक देवेंद्र यादव के बड़े भाई धर्मेंद्र यादव के साथ भाजपा सांसद विजय बघेल की मौजूदगी ने राजनीतिक चर्चाओं को और हवा दी। कार्यक्रम में विजय बघेल को मुख्य अतिथि बनाए जाने को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं कि आखिर इस आयोजन के पीछे क्या सोच रही होगी।

यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि किसी सामाजिक, धार्मिक या पारिवारिक आयोजन में दूसरे दल के नेता को आमंत्रित करना अपने आप में राजनीतिक निकटता का प्रमाण नहीं है। फिर भी जब आमंत्रित नेता और आयोजक परिवार अलग-अलग राजनीतिक पृष्ठभूमि से आते हों, तब ऐसी मुलाकातों को राजनीतिक चश्मे से देखा जाना स्वाभाविक है।

samachardoot
Author: samachardoot

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

और पढ़ें