भोपाल। जेम पोर्टल से खरीदी में गड़बड़ी सहित अन्य आर्थिक अनियमितता एवं लापरवाही के मामलों में तीन नगरीय निकायों के तत्कालीन मुख्य नगर पालिका अधिकारियों (सीएमओ) एवं अन्य अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की गई है। इसमें सेवानिवृत्त अधिकारियों की पेंशन राशि में कटौती करने के साथ ही अन्य अधिकारियों की वेतन वृद्धि रोकी गई है।
बता दें कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का उपयोग करके नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने नगरीय निकायों में खरीदी की अनियमितता पकड़ी। छह माह में 201 प्रकरणों में अब तक 392 अधिकारियों-कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई की गई है।
नगरीय विकास आयुक्त संकेत भोंडवे का कहना है कि इन कार्रवाइयों का उद्देश्य नगरीय निकायों में वित्तीय अनुशासन सुनिश्चित करना, शासकीय कार्यों में पारदर्शिता, जवाबदेही और नियमों के पालन को मजबूत करना है।
टिमरनी, खरगोन और आगर के कानड़ नगर परिषद के अधिकारियों पर कार्रवाई
नगर परिषद टिमरनी के तत्कालीन मुख्य नगर पालिका अधिकारी राजाराम सोनपुर, जो सेवानिवृत्त हो चुके हैं, को स्वच्छता सामग्री के अनियमित क्रय के मामले में लोकायुक्त ने दोषी पाया था। उनकी पेंशन की 10 प्रतिशत राशि पांच वर्ष तक रोकी गई है।
प्रकरण में सोडा की एक वेतन वृद्धि रोकी
नगर परिषद खरगोन की प्रेसिडेंट-इन-काउंसिल ने उपयंत्री जितेंद्र सोडा के विरुद्ध टंट्या मामा की प्रतिमा स्थापना में अनियमितता के संबंध में शिकायत की थी। प्रकरण में सोडा की एक वेतन वृद्धि रोकी गई। इसी मामले में सहायक यंत्री मनीष महाजन की भी एक वेतन वृद्धि रोकी गई है।
आगर जिले की नगर परिषद कानड़ में मुख्यमंत्री शहरी पेयजल योजना में अनियमितता के मामले में तत्कालीन सीएमओ (सेवानिवृत्त) पवन मिश्रा की पेंशन की तीन प्रतिशत राशि स्थायी रूप से रोक दी गई। तत्कालीन सीएमओ ओपी नागर की वार्षिक वेतन वृद्धि रोकने की कार्रवाई की गई है।









