दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में किसानों की फसलों के साथ खिलवाड़ करने वाले अवैध रैकेट का पर्दाफाश हुआ है। मोहन नगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले शंकर नगर इलाके में इंडोफिल एम-45 जैसी लोकप्रिय कीटनाशक दवा का कथित रूप से अवैध और नकली उत्पादन किया जा रहा था। कृषि विभाग की सटीक सूचना और शिकायत के आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी के खिलाफ विधिवत आपराधिक मामला दर्ज कर लिया है और इस पूरे नेटवर्क की गहराई से छानबीन शुरू कर दी है।
इंडोफिल इंडस्ट्रीज प्रा.लि. कंपनी के जांचकर्ता रंजीत कुमार सिंह को शंकर नगर स्थित साई मंदिर के पास नकली कीटनाशक तैयार किए जाने की सूचना मिली थी। इसकी सूचना कृषि विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई। कृषि विभाग ने टीम का गठन किया और आरोपी उमा राव के घर पर दबिश दी। जांच के दौरान टीम को मौके से इंडोफिल एम-45 के 130 भरे हुए पैकेट, लगभग 700 खाली पैकेट और एक आधुनिक सीलिंग मशीन बरामद हुई, जिससे साफ हो गया कि वहां बड़े पैमाने पर नकली माल पैक किया जा रहा था।
कृषि विभाग की शिकायत पर पुलिसिया कार्रवाई
कृषि विभाग की ओर से सिरसा क्षेत्र की कृषि विकास अधिकारी नीलिमा राजपूत ने मोहन नगर थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने कॉपीराइट अधिनियम की धारा 63 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है। इसके अलावा ट्रेडमार्क अधिनियम और कॉपीराइट अधिनियम की अन्य संबंधित धाराओं के तहत भी कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है।
आगे की विवेचना जारी
पुलिस अब इस बात की गहनता से जांच कर रही है कि यह नकली कीटनाशक कहां-कहां सप्लाई किया जाता था और इस अवैध कारोबार में कौन-कौन लोग शामिल हैं। प्रशासन की इस सख्त कार्रवाई से नकली उत्पाद तैयार करने वाले असामाजिक तत्वों में हड़कंप मच गया है।










