आज से लागू हुए ट्रैफिक के नए नियम, छोटी गलतियों पर मिलेगी चेतावनी, बिना बीमा गाड़ी चलाने पर 10 हजार तक जुर्माना

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रायपुर। आज से देश में ट्रैफिक नियमों का एक नया दौर शुरू हो गया है। सड़क परिवहन मंत्रालय ने नियमों में कई ऐसे अहम बदलाव किए हैं, जो हर ड्राइवर के लिए जानना जरूरी है। मोटर यान अधिनियम में किए गए बदलावों को लागू करने की अधिसूचना जारी कर दी है। इसके लागू होने से जहां छोटी गलतियों पर चालान के बजाय सिर्फ चेतावनी मिलेगी, वहीं बिना बीमे की गाड़ी चलाने वालों पर कई गुना अधिक जुर्माना लगेगा।

लाइसेंस रद होने के 30 दिन तक रहेगा मान्य

अब ड्राइविंग लाइसेंस की वैधता खत्म होने के तुरंत बाद उसे अवैध मानकर कार्रवाई नहीं की जाएगी। एक्सपायरी डेट के बाद भी यह 30 दिनों तक मान्य रहेगा। लाइसेंस रिन्यूअल के लिए एक्सपायरी डेट से एक साल पहले तक आवेदन किया जा सकेगा। समय पर आवेदन करने पर नवीनीकरण समाप्ति की तारीख से ही प्रभावी माना जाएगा। वाहन का पंजीकरण रद होने या उससे जुड़े मामलों में दस्तावेज जमा करने के लिए मिलने वाले समय को 14 दिन से बढ़ाकर 30 दिन कर दिया गया है।

दूसरी बार या उसके बाद 500 से 1,500 रुपये तक का जुर्माना

ऐसे यातायात उल्लंघन जिनके लिए मोटर व्हीकल एक्ट में अलग से जुर्माना तय नहीं है, उनमें पहली बार गलती करने पर चालान के बजाय केवल चेतावनी देकर छोड़ा जाएगा। दूसरी बार या उसके बाद 500 से 1,500 रुपये तक का जुर्माना होगा। बिना जरूरत या नो-हॉर्न जोन में हॉर्न बजाने और साइलेंसर के बजाय कट-आउट से धुआं निकालने वाले वाहनों पर पहली बार चेतावनी दी जाएगी। दूसरी बार ऐसा करने पर 1,000 से 2,000 रुपये तक का दंड लगेगा।

बीमा नहीं होने और खतरनाक ड्राइविंग पर सख्त सजा

बिना वैध मोटर थर्ड-पार्टी बीमा के वाहन चलाने पर पहली बार में मूल प्रीमियम का तीन गुना या 5,000 रुपये (जो अधिक हो) का जुर्माना लगेगा। दोबारा गलती पर यह राशि मूल प्रीमियम की पांच गुना या 10,000 रुपये (जो अधिक हो) हो जाएगी। ऐसे दोषपूर्ण वाहन, जिनसे सड़क पर लोगों या अन्य वाहनों के लिए खतरा पैदा हो सकता है, उन्हें चलाने पर 5,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।

दुर्घटना मुआवजे से नहीं कटेगी अतिरिक्त राशि, देरी पर भी क्लेम का मौका

दुर्घटना में मौत या गंभीर चोट के मामले में पीड़ित को मिलने वाली अनुग्रह राशि (अतिरिक्त सहायता) को अब मोटर दुर्घटना के वैधानिक मुआवजे से नहीं घटाया जाएगा। मुआवजे के लिए आवेदन की सामान्य छह महीने की मियाद खत्म होने के बाद भी दावा अधिकरण (ट्रिब्यूनल) उचित कारण होने पर अगले 12 महीने तक आवेदन स्वीकार कर सकता है। ट्रिब्यूनल को दावों का निपटारा 12 महीने में करने का प्रयास करना होगा।

कुछ मामलों में समझौता शुल्क से निपटेंगे प्रकरण

नए नियमों के अनुसार, अब कुछ निर्धारित गंभीर अपराधों को ही समझौता शुल्क लेकर समाप्त किया जा सकेगा, जिनमें बिना मंजूरी दूसरे व्यक्ति को वाहन चलाने देना या बिना वैध लाइसेंस वाहन चलाना, ओवरस्पीडिंग, खतरनाक ड्राइविंग या सड़क पर रेसिंग, आपातकालीन वाहनों (एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड) को रास्ता न देना, सड़क सुरक्षा व वायु प्रदूषण मानकों का बार-बार उल्लंघन, और बिना आरसी (पंजीकरण) गाड़ी चलाना या वाहन के ब्रेक/पार्ट्स से छेड़छाड़ करना प्रमुख रूप से शामिल हैं।

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Author: samachardoot

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