रायपुर। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के छात्रावास भवन पूरी तरह जर्जर हो चुके हैं, जिससे सैकड़ों छात्र-छात्राओं की जान खतरे में है। पिछले 48 घंटों में विश्वविद्यालय के तीन छात्रावासों शिवम, सत्यम और मंदाकिनी में छज्जे और छत का प्लास्टर गिर गया। शनिवार को हुए एक हादसे में एक छात्र गंभीर रूप से घायल हो गया। विश्वविद्यालय प्रबंधन इन जर्जर भवनों को डिस्मेंटल करने के बजाय केवल मरम्मत कर रहा है।
हादसों ने खोली मरम्मत के दावों की सच्चाई
पिछले दो दिनों में हुए हादसों ने प्रबंधन के मरम्मत के दावों की सच्चाई उजागर कर दी है। प्रशासनिक उदासीनता के कारण विद्यार्थी हर समय बड़े हादसे के साए में जीने को मजबूर हैं। विश्वविद्यालय में कुल 14 छात्रावास हैं, जिनमें से छह छात्राओं के लिए हैं, जबकि आठ छात्रों के लिए हैं। सत्यम छात्रावास 1960 में बना था और अब बेहद खतरनाक स्थिति में है। अन्य भवन भी 30 से 40 साल पुराने हैं।
सिर पर गिरा स्लैब, छात्र को आए चार टांके
गुरुवार आधी रात को शिवम छात्रावास में छात्र नीरज कुमार पढ़ाई कर रहा था, तभी छत का प्लास्टर उसके सिर पर गिर गया, जिससे उसे गंभीर चोट आई और चार टांके लगे।
कुलपति की कार के सामने लेटकर किया था प्रदर्शन
एनएसयूआई के प्रदेश सचिव महताब हुसैन के नेतृत्व में शुक्रवार को सैकड़ों छात्रों ने प्रशासनिक भवन का घेराव किया। छात्र कुलपति की गाड़ी के सामने ही जमीन पर लेट गए और जमकर नारेबाजी की। छात्र संगठन ने मरम्मत के लिए स्वीकृत बजट की जांच और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
आपात बैठक के बाद प्रभावित छात्रों को सुरक्षित कमरों व अतिथि गृह में स्थानांतरित करने के निर्देश दिए गए।- संजय नायर, आइपीआरओ।
विवि के सभी 12 छात्रावासों की जांच कर आवश्यक मरम्मत व जीर्णोद्धार कार्य तत्काल शुरू कराया जाएगा।- डा. गिरीश चंदेल, कुलपति, आइजीकेवी।









