रायपुर। छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक अस्मिता की पहचान और पंडवानी लोकगायन शैली की विश्वविख्यात स्तंभ, पद्म विभूषण डॉ. तीजन बाई का निधन प्रदेश के लिए एक अपूरणीय क्षति है। रविवार को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने एम्स रायपुर पहुंचकर महान कलाकार के पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित कर उन्हें अंतिम विदाई दी।
मुख्यमंत्री ने शोक संतप्त परिजनों से मुलाकात कर अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं। इस दौरान उन्होंने कहा कि डॉ. तीजन बाई ने न केवल छत्तीसगढ़ की माटी का मान बढ़ाया, बल्कि पंडवानी जैसी लोक विधा को वैश्विक स्तर पर प्रतिष्ठित किया। मुख्यमंत्री ने उनके योगदान को याद करते हुए कहा कि तंबूरे की थाप पर महाभारत की गाथाओं को जीवंत करने वाली तीजन बाई का जाना लोक संस्कृति के एक स्वर्णिम अध्याय का समापन है।
जनप्रतिनिधियों ने दी श्रद्धाजंलि
इस अवसर पर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल और रायपुर उत्तर के विधायक पुरंदर मिश्रा भी उपस्थित थे। सभी जनप्रतिनिधियों ने पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार उनकी स्मृतियों को संजोने और लोक कला के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है। डॉ. तीजन बाई का जीवन संघर्षों और सफलता की वह गाथा है जो आने वाले समय में कलाकारों के लिए प्रकाश स्तंभ का कार्य करेगी।









