साइबर गैंग पर बड़ा प्रहार: बिलासपुर पुलिस की दबिश, ठगों को बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले गिरोह के सदस्य अरेस्ट

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बिलासपुर। साइबर ठगी में म्यूल बैंक खातों का इस्तेमाल करने वाले गिरोह के खिलाफ तारबाहर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो फरार आरोपित को रायपुर से गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपित कमीशन के बदले लोगों के बैंक खाते उपलब्ध कराकर साइबर अपराधियों की ठगी की रकम के लेन-देन में मदद करते थे। पुलिस ने उनके कब्जे से घटना में प्रयुक्त दो मोबाइल भी जब्त किए हैं। गिरफ्तार आरोपित को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है।

सीएसपी गगन कुमा(आइपीएस) ने बताया कि तारबाहर पुलिस की टीम ने 13 मई को व्यापार विहार स्थित बैंक के सामने म्यूल एकाउंट जुटा रहे चार आरोपित को गिरफ्तार किया। पकड़े गए आरोपित से पूछताछ में पता चला कि वे साइबर ठग गिरोह के लिए म्यूल एकाउंट जुटा रहे थे।

पकड़े गए आरोपित ने बताया कि उनके गिरोह में रायपुर के मौदहापारा में रहने वाले अमीर उर्फ अमीरुद्दीन(29) और मोहम्मद अल्मास गाजी (24) शामिल हैं। पुलिस की टीम ने दोनों आरोपित की जानकारी जुटाकर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। आरोपित से पूछताछ के बाद उन्हें न्यायालय में पेश किया है। आरोपित को न्यायालय के आदेश पर जेल भेजा गया है।

सीएसपी गगन कुमार (आईपीएस) ने जानकारी देते हुए बताया कि तारबाहर पुलिस ने 13 मई को व्यापार विहार स्थित एक बैंक के सामने से चार संदिग्धों को गिरफ्तार किया था। पूछताछ के दौरान गिरोह का पर्दाफाश हुआ और पता चला कि ये लोग बड़े पैमाने पर साइबर ठगों के लिए काम कर रहे हैं। पकड़े गए आरोपितो की निशानदेही पर पुलिस ने रायपुर के मौदहापारा निवासी अमीर उर्फ अमीरुद्दीन (29) और मोहम्मद अल्मास गाजी (24) को नामजद किया था।

कमीशन के बदले खपाते थे काला धन पुलिस की जांच में यह सामने आया है कि ये आरोपी भोले-भाले लोगों को झांसे में लेकर उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाते थे। फिर ये खाते साइबर ठग गिरोह को सौंप दिए जाते थे। ठगी की रकम सीधे इन्हीं ‘म्यूल अकाउंट’ में ट्रांसफर की जाती थी, जिससे पुलिस की पकड़ से बचना आसान हो जाता था। आरोपितों ने स्वीकार किया कि वे कमीशन के बदले अपना नेटवर्क चला रहे थे।

पुलिस ने दोनों आरोपितो के पास से घटना में प्रयुक्त दो मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं। न्यायालय में पेश करने के बाद दोनों आरोपितो को जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि इनके द्वारा जुटाए गए खातों का इस्तेमाल देश के किस-किस हिस्से में साइबर ठगी के लिए किया गया है।

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Author: samachardoot

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