रायपुर। छत्तीसगढ़ में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तिथियां एक ही दिन आ जाने के कारण हजारों युवाओं के भविष्य पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। इस मुद्दे को उठाते हुए भिलाई नगर विधायक एवं एआईसीसी राष्ट्रीय सचिव देवेंद्र यादव ने राज्य सरकार का ध्यान आकर्षित किया है।
उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को पत्र लिखकर भर्ती एजेंसियों के बीच आपसी तालमेल की कमी पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है और परीक्षा कार्यक्रमों में तुरंत बदलाव करने की मांग की है।
एक ही दिन तय हो गईं कई बड़ी परीक्षाएं
विधायक देवेंद्र यादव ने उदाहरण देते हुए बताया कि पुलिस भर्ती की मुख्य परीक्षाएं आगामी 24, 25 और 26 अक्टूबर को आयोजित होनी तय हैं। विडंबना यह है कि इसी दौरान 25 अक्टूबर को शिक्षक के 1656 पदों के लिए भी महत्वपूर्ण परीक्षा की तिथि निर्धारित कर दी गई है। इसके अलावा, चार अक्टूबर को बैंक कर्मियों के चयन के लिए होने वाली आईबीपीएस (IBPS) परीक्षा और सीजी सेट (CG SET) की परीक्षाएं भी एक ही दिन आमने-सामने आ गई हैं। एजेंसियों की इस लापरवाही के कारण युवा असमंजस में हैं कि वे किस परीक्षा को छोड़ें और किसे चुनें।
युवाओं के स्वैच्छिक अवसर हो रहे सीमित
छत्तीसगढ़ में पीएससी (CGPSC), व्यापमं और अन्य चयन बोर्डों की इस प्रकार की लचर कार्यशैली से प्रतिभावान युवाओं के हाथ से सुनहरे अवसर छिन रहे हैं। महीनों और वर्षों तक कड़ा संघर्ष करने के बाद जब एक ही समय पर दो-दो महत्वपूर्ण परीक्षाएं आ जाती हैं, तो अभ्यर्थियों की सारी मेहनत पर पानी फिर जाता है। एक परीक्षा चुनने के चक्कर में उन्हें दूसरी बड़ी नौकरी के अवसर से जबरन वंचित होना पड़ता है, जो पूरी तरह अन्यायपूर्ण है।
मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांग
इस गंभीर समस्या का त्वरित समाधान निकालते हुए विधायक ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि वे व्यक्तिगत रूप से इस मामले में हस्तक्षेप करें। संबंधित विभागों और भर्ती एजेंसियों को सख्त निर्देश दिए जाएं ताकि परीक्षा की तारीखों का पुनरावर्तन रोका जा सके। यदि समय रहते इन तारीखों में आवश्यक संशोधन कर दिया जाता है, तो प्रदेश के हजारों युवाओं को अपनी क्षमता दिखाने का निष्पक्ष और पूरा अवसर मिल सकेगा।










